राची, झारखण्ड | फरवरी | 18, 2025 ::
साहित्यकार राजलक्ष्मी द्वारा लिखी गई चार पुस्तकों फटी टांट से निकले राम, काव्य पुष्पांजली, जयहिंद व प्रेमचंद से आगे का लोकापर्ण मंगलवार को राज्य सभा के सभापति हरिवंश नारायण सिंह ने रांची विवि के पत्रकारिता विभाग सभागार में किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बगैर मजबूत मूल्य के सृदढ़ समाज का निर्माण नहीं हो सकता। कहा कि श्रीमती सहाय की कृतियां देशभक्ति के प्रति भाव व जज्बा को रेखांकित करती हैं। ऐसी पुस्तकों के अलावा भारतीय संहिता, वेद व लाॅजिक जैसे अहम तथ्यों पर आधारित पुस्तक को विवि के कोर्स में शामिल किया जाना चाहिए। रांची विवि के कुलपति डाॅ अजीत सहाय ने राजलक्ष्मी सहाय की किताब को पाठयक्रम में शामिल करने के साथ-साथ कहा कि विद्यार्थी इस पर रिसर्च करें। मंच का संचालन विनय भारती व धन्यवाद ज्ञापन लेखिका के जीवनसाथी प्रो प्रकाश ने दिया। कार्यक्रम में उनकी पुत्री व हजारीबाग की डीसी नैंसी सहाय व दामाद वरुण रंजन समेत डाॅ एनडी शरण, वरिष्ठ पत्रकार अनुज सिन्हा और विवि के प्रोफेसर, अधिकारी, बुद्धिजीवी वर्ग के अलवा परिजन मौजूद थे।



