Breaking News Latest News कैंपस ख़बरें जरा हटके झारखण्ड लाइफस्टाइल

गुरु नानक विद्यालय के बच्चों ने बैगलेस डे” मे कम्युनिटी हेल्पर्स के बारे जाना

राची, झारखण्ड  | नवम्बर |  26, 2024 ::

गुरु नानक विद्यालय के प्री प्राइमरी विंग मे दिनांक 26/ 11/ 24 का दिन ” बैगलेस डे” का रहा जो बच्चों के लिए बड़ा ही मनोरंजक रहा l बच्चों ने आज कुछ नया सीखा l कक्षा नर्सरी से प्रेप” तक के बच्चों ने अपने विद्यालय के सभी “कम्युनिटी हेल्पर्स “के बारे में जाना, उनके कार्यों को समझा और उन्हें आदर दिया। बच्चों ने विद्यालय के प्लंबर, , माली, इलेक्ट्रीशियन, सभी सफाई कर्मी , सिक्योरिटी और सभी सहयोग करने वाली दीदी से मिले और उन्हें अपने हाथ से बने हुए कार्ड और गुलदस्ते देकर उनका सम्मान किया और उन्हें आदर दिया l
इसके अतिरिक्त छोटे-छोटे बच्चों ने “कम्युनिटी हेल्पर”की वेशभूषा में कई प्रस्तुतियां दी जो बड़ा ही मनभावक था और साथ में प्रेरणादायक भी। विभिन्न कविताओं और नाटक के माध्यम से बच्चों ने समाज के इस वर्ग के बारे में जानl और समझा l
विद्यालय की प्रिंसिपल डॉ ( कैटन) सुमित कौर , वाइस प्रिंसिपल सुश्री सोनिया कौर एवं हेडमिस्ट्रेस श्रीमती हरप्रीत कौर ने सभी कम्युनिटी हेल्पर का धन्यवाद ज्ञापन किया और हमारे दैनिक जीवन में उनकी कितनी प्रमुख उपयोगिता है इसके बारे में सभी बच्चों को बताया साथ ही कार्यक्रम की सफलता के लिए शिक्षिकाओं की सराहना की।

बैगलेस डे, स्कूल में बच्चों को बैग के बोझ से मुक्ति दिलाने के लिए आयोजित किया जाने वाला एक दिन है. इस दिन बच्चों को पढ़ाई के अलावा, सांस्कृतिक, साहित्यिक, और व्यावहारिक गतिविधियों में शामिल किया जाता है. बैगलेस डे के ज़रिए बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा के बारे में जानकारी दी जाती है और उन्हें व्यावहारिक अनुभव मिलता है. बैगलेस डे के कुछ उद्देश्य ये रहे:
बच्चों को मौज-मस्ती के साथ सीखने का अनुभव कराना.
बच्चों को काम की दुनिया से परिचित कराना.
बच्चों को लेन-देन से परिचित कराना.
बच्चों में अवलोकन-आधारित सीखने की क्षमता विकसित करना.
बच्चों में समुदाय और परस्पर निर्भरता की समझ विकसित करना.
बच्चों को स्थानीय व्यवसायों और हाथों से काम करने की गतिविधियों के बारे में बताना.
बच्चों को स्थानीय लोगों से बातचीत करने का मौका देना.
बच्चों को विभिन्न संस्थानों के भ्रमण के ज़रिए करियर विकल्पों के बारे में जानकारी देना.
बैगलेस डे के दौरान बच्चों को स्थानीय वोकेशनल एक्सपर्ट्स जैसे बढ़ई, माली, कुम्हार वगैरह के साथ इंटर्नशिप करने का मौका मिलता है.

Leave a Reply