राची, झारखण्ड | जुलाई 03, 2024 ::
मारवाड़ी कॉलेज रांची के वाणिज्य विभाग के स्नातक और स्नातकोत्तर कोर्स की समीक्षा एवम आवश्यक सुधार हेतु बुधवार को बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक हेड एंड डीन डा .राजीव रंजन शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में एक्सटर्नल सब्जेक्ट एक्सपर्ट के रूप में रांची विश्वविद्यालय, रांची के पी.जी.,वाणिज्य विभाग रांची के सेवानिवृत विभागाध्यक्ष डा. जी. के. श्रीवास्तव, बिनोवा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के रजिस्ट्रार डा.(मो.) मुख्तार आलम एमिटी यूनिवर्सिटी, झारखंड के एसोसिएट प्रोफेसर डा. भावना तनेजा एवम एलुमिनी सदस्य के रूप में कृष्णकांत शामिल हुए।
वाणिज्य विभाग के हेड एवम डीन डा. राजीव रंजन शर्मा ने नई शिक्षा नीति 2020 पर आधारित वाणिज्य विषय के स्नातक के पाठ्यक्रम एवम चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (CBCS) पर आधारित वाणिज्य विषय के स्नाकोत्तर के पाठ्यक्रम के निर्धारण पर विचार विमर्श हेतु प्रस्तुत किया।
एक्सटर्नल एक्सपर्ट ने कुछ सकारात्मक सुझाव के साथ स्नातक और स्नातकोत्तर कोर्स पर स्वीकृति प्रदान की।
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डा. मनोज कुमार
एवम वाणिज्य विभाग से डा.तरुण चक्रवर्ती, डा. कु. ए. एन. सहदेव, डा. संजीव चतुर्वेदी, डा. अमित कुमार, डा.आभा कुमारी, डा.अमन पांडे, मी.आलोक कुमार, मी.विशाल कुमार, डा. सोनी कुमारी डा. आफताब जमील, मी. कृष्णकांत आदि शामिल हुए।
धन्यवाद ज्ञापन हेड एंड डीन डा. राजीव रंजन शर्मा ने किया।
मनोविज्ञान विभाग मारवाड़ी कॉलेज, मे दिनांक 29/06/204 को,NEP के आलोक में, स्नातक एवं स्नातकोत्तर के पाठ्यक्रम की समीक्षा हेतु, बोर्ड औफ स्टडीज की बैठक मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डा अनुजा विवेक की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस बैठक में एक्सपर्ट सदस्य के रूप में डा सादिक रज़ाक; असोसिएट प्रोफेसर मनोविज्ञान विभाग; विनोबा भावे विश्वविद्यालय,हजारीबाग,जो डायरेक्टर औफ IQAC के रूप में कार्यरत भी हैं , एवम् डा अजय कुमार सिंह; सहायक प्राध्यापक, डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रांची तथा विश्वविद्यालय सदस्य के रूप में डा रोज़लिना सिंह सहायक प्राध्यापक मनोविज्ञान विभाग रांची विश्वविद्यालय उपस्थित रहे और एल्युमिनाई सदस्य के तहत् डा रिंपी कुमारी उपस्थित रहीं। इस बैठक में NEP के आलोक में लागू मनोविज्ञान के पाठ्यक्रम पर गहन एवं विस्तृत चर्चा की गई और पाठ्यक्रम के हर पहलू की विस्तार से समीक्षा भी की गई और सदस्यों द्वारा सार्थक सुझाव दिए गए जिसे सर्व सम्मति से पाठ्यक्रम में शामिल करने का भी निर्णय लिया गया। सभी सुझावों को संकलित कर प्रस्तावित करने का निर्णय भी लिया गया। बैठक का समापन विभागाध्यक्षा डा अनुजा विवेक द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से किया गया।




