राची, झारखण्ड | मार्च | 30, 2024 ::
शनिवार को केंद्रीय सरना संघर्ष समिति के तत्वावधान में उप कार्यालय पिस्का मोड़ रांची में प्रकृति महापर्व सरहुल पूजा की तैयारी को लेकर केंद्रीय सरना संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष शिवा कच्छप की अध्यक्षता में बैठक हुई । बैठक का संचालन संगीता गाड़ी ने की। बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय सरना संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष शिवा कच्छप ने कहा कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी सरहुल पूजा का आयोजन पारंपरिक सांस्कृतिक रीति रिवाज एवं धूमधाम से होगा, नौ अप्रैल को उपवास, 10 अप्रैल को पूजा और 11 अप्रैल को जुलूस निकाला जाएगा। जुलूस में पारंपरिक रीति रिवाज, ढोल नगाड़ों और मांदर के साथ शोभायात्रा में महिलाएं लाल पाड़ की साड़ी और पुरुष धोती-गंजी का प्रयोग करेंगे। 12 अप्रैल को सभी घरों में फुलखोसी की जाएगी । सरना धर्मालंबियों अपने – अपने घर में सरना झंडा अवश्य लगाएं और सरहुल शोभायात्रा में सरना धर्म कोड लागू करने की मांग को तख्ती लेकर चलें।, नशापान नहीं करें , हड़िया को प्रसाद के रूप में लें और अपने पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य गीत करते हुए मुख्य सरना स्थल सिरोम टोली अवश्य पहुंचे । बैठक में राज्य सरकार से मांग की गई कि सरहुल में तीन दिन का राजकीय अवकाश दिया जाय। साथ ही सरहुल शोभायात्रा में हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा हो, सभी अखड़ा और सरना स्थलो की साफ – सफाई हो, हर चौक चौराहों पर पुलिस बल, बिजली, शौचालय एवं चिकित्सक की समुचित व्यवस्था की जाए। 2025 में जनगणना पत्र पर आदिवासीयों के लिए अलग से धर्म काॅलम लागू करे केंद्र ।
बैठक में मुख्य रूप से संगीता गाडी, सती तिर्की, अनीता उरांव, शोभा तिर्की, बसंती कुजूर, भानू उरांव, गुड्डू उरांव, कुलदीप उरांव, कुईली उरांव, पार्वती लकड़ा इत्यादि उपस्थित थे।




