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समाजपरक पत्रकारिता से समृद्ध भारत की ओर विषय पर सम्मेलन

राची, झारखण्ड | जुलाई | 09, 2023 :: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय चौधरीबगान हरमू रोड में राजयोग प्रशिक्षण एवं अनुशंधान संस्थान के मीडिया प्रभाग के संयुक्त तत्वावधान में समाजपरक पत्रकारिता से समृद्ध भारत की ओर विषय पर सम्मेलन सम्पन्न हुआ।

दैनिक हिन्दूस्तान के सहायक संपादक चंदन मिश्र ने कहा वर्तमान समय मीडिया मानव मन पर हावी है।
मीडिया को नकारात्मक एवं शिकायती न होकर समाधानपरक बनना होगा। यदि सकारात्मक सोच के साथ पत्रकारिता की जाय तो आजादी का अमृत महोत्सव मनाना सार्थक हो जायेगा।
उन्होंने पुराने समय के संस्कार और मौजूदा दौर में हावी पाश्चात्य संस्कृति का तुलनात्मक विश्लेषण करते हुए इसके कई उदाहरण भी स्थानीय पत्रकारों के सामने रखे।
समाज की उन्नति के लिए काम एक अकेला पत्रकार नहीं कर सकता इसके लिए पूरे समाज में आज परिवर्तन की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

जनतंत्र टीवी के कुणाल सिंह ने संस्था की सराहना करते हुए कहा कि हम पत्रकार अनेक मंचों पर जाते हैं परंतु आज हमारे लिए ब्रह्माकुमारी संस्था ने एक मंच उपलब्ध कराया है।
पत्रकारिता समाज के उत्थान के लिए होती है।
हमारी पत्रकारिता से यदि समाज का भला होता है तो यह हमारी
पत्रकारिता और समृद्ध भारत का समाधान है।

कार्यक्रम में उपस्थित स्वदेशी ब्यूरो के ओमप्रकाश मिश्रा ने कहा मौजूदा हालातों में समाज का दर्पण कहलाने वाला लोकतंत्र का चौथा स्तंभ अपनी रिपोटिंग को लेकर हमेशा चर्चा का विषय बना रहता है।
आजादी के लड़ाई के समय अपने कर्तव्यों को सफल निर्वहन करने वाले साहित्यकारों और पत्रकारों की भूमिका की भी मंच से सराहना करते हुए कहा कि समृद्ध भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए गम्भीरता और ईमानदारी से काम करने की जरूरत है।
उन्होंने इस विषय पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि समाज कोई भी ऐसा अंग नहीं जो पूरी शुचिता के साथ काम कर रहा हो।
कशिश न्यूज की रूचि शर्मा ने कहा आज के पत्रकार दो धारी तलवार पर चल रहे हैं।
इसलिए ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा सिखाये जा रहे राजयोग मेडिटेशन का नियमित अभ्यास की जरूरत है जिससे पत्रकार अपने व्यक्तिगत और व्यवसायिक जीवन के तनाव को कम कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि
अध्यात्म से मोटिवेशन की शक्ति बढ़ जाती है एवं अपने मन के लिए समय निकालने और राजयोग सेnएक आदर्श और सुंदर दुनिया बनाई जा सकती है।
वो यहां आकर बहुत प्रसन्न थीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यूज इंडिया 24 x 7 अमित कुमार ने अपने विचार रखे।
उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र को सामान्य लोगों तक पहुंचना बेहद जरूरी है।
तभी लोकतंत्र की सार्थकता सिद्ध होगी।
अतीत के कुछ पन्ने पलटते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में हमारे देश में
अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिला है।
आज का भारत पहले के भारत से काफी अलग है।
हम देश की प्रगति के खिलाफ नहीं है लेकिन आने वाला समृद्ध भारत संस्कार वान होगा कि नहीं ये चिंता का विषय है।

केन्द्र संचालिका ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने कहा स्वतंत्रता के समय के पहले मीडिया का स्वरूप सेवा का था।
सबका एक ही उद्देश्य था ब्रिटिश राज्य की अधीनता से मुक्ति और इस मुक्ति के लिए जन-जन में चेतना जागृत करना ताकि वे आगे आकर राष्ट्रीय आन्दोलन में शामिल हों।
इस उद्देश्य के लिए समर्पित मीडिया कर्मियों ने कर्ज लेकर भी पत्र-पत्रिकाओं का प्रकाशन किया।
ब्रिटिश गर्वनमेंट ने उनकी प्रेस की कुर्की की भारी जुर्माने किए जेल भेजा परंतु उन सेवा समर्पित आलाओं ने मुकाबला किया, समर्पण नहीं।
उन्होने कहा अर्थ की चाहना ने किया अनर्थ स्वतंत्रता के बाद नव
निर्माण का दौर शुरू हुआ।
हमें पॉलिटिकल स्वतंत्रता तो मिली पर आर्थिक स्वतंत्रता का प्रश्न मूहँ उठाये खड़ा था।
अर्थ (पैसा) को चाहने वालों ने अनंथ करना शुरू किया और मीडिया धीरे-धीरे सेवा के वजाय व्यवसाय बनने लगी।
मीडिया रोजगार का साधन हो गई।
स्वतंत्रता से पहले मीडिया ने जो उदाहरण प्रस्तुत किया वे आज कहीं भी नजर नहीं आते हैं।
यह सत्य है कि कुछ पत्र-पत्रिकाओं ने
स्वतंत्रता के कछ बर्षों के बाद तक भी सेवा भाव को बनाये रखा।कुछ मामलों में अपनी जिम्मेवारी को निभाया भी पर, ज्यादातर लोगों ने उस सेवा भावना को छोड़ दिया।
आज मीडिया के बल से दुनिया जितनी सिमट कर छोटी हुई है, उतना ही नवनिर्माण की जिम्मेवारी से मीडिया भी सिमटती जा रही है।
उन्होंने कहा कि पत्रकार सरस्वती का वरदानी पुत्र इस बात के पक्ष और विपक्ष में बहुत सारे मत हो सकते हैं।
परंतु इस सच्चाई से बिलकुल भी मुख नहीं मोड़ा जा सकता कि पत्रकार सरस्वती का वरद् पुत्र है।
उसके हाथ में कलम है और कलम तलवार से भी अधिक शक्तिशाली है।
यदि उसकी लेखनी अंग्रेजो के राजनैतिक का सामना कर सकती है तो आर्थिक प्रलोभन के सामने उसकी धार मंद क्यों पड़ जाती है।
समाचार पत्र बने सदाचार पत्र – समय की मांग है कि
समाचार पत्र बने सदाचार पत्र ।
इसके लिए हमें समाज में घटित होने वाली घटनाओं को विवरण तो देना ही होगा लेकिन जागरूक पत्रकार उस विवरण के अंत में अगर एक लाईन अपनी तरफ से शाश्वत सत्यता पर आधारित … जोड़ दे तो यह पत्रकारिता के नियम का उल्लंघन किये बिना उसकी सच्चाई ( सार्थकता) को इतिहास में दर्ज कर देगा।

चाहिए कथनी करनी में एकता लेखनी जब सत्य की स्याही में डूबती है तो सत्यता का प्रथम पार्ट है कथनी करनी की एकता है।
आज व्यसनों की रोकथाम के लिए किये जाने वाले प्रयासों का शोर और व्यसनों की बढ़ोतरी होने का शोर दोनों ही बढ़ते जा रहे हैं।
क्योंकि पहला शोर दूसरे शोर को रोकने में बिलकुल ही कामयाब नहीं है।
सेवा (मिशन) के आभाव में उद्देश्य पूर्ति कैसे हो। स्वयं गुड़ खाने वाला दूसरे को गुड़ न खाने का सफल संदेश कैसे दे सकता है।
मीडिया है जागरूक प्रहरी – साहित्य समाज का दर्पण होता है।
कोई ये तर्क दे सकते हैं कि स्वतंत्रता के बाद सभी क्षेत्रों में, मूल्यों में गिरावट आई है।
केवल पत्रकारिता के क्षेत्र में ही गिरावट नहीं आई। लेकिन हाँ मीडिया जागरूक प्रहरी है और प्रहरी का काम है दूसरे सो जाने पर भी स्व जागृति को बनाये रखना। न कि दूसरों को सोए देखकर स्वयं भी लापरवाही स्वार्थी और गैर जिम्मेवारी नींद में सो जाना।
वह तो राजा प्रजा सभी को जगाने वाला है कि उनका कर्त्तव्य क्या है और क्या नहीं। तो पत्रकारिता को यह तय करना है कि वह मार्ग दर्शक है या पावरफुल लोगों के पीछे-पीछे चलने वाला
है। इसलिए इस संकट की घड़ी में कलम की कालिमा को हटाकर शांति सद्भावना की मशाल जलाने में पत्रकार को दृढ़ता से आगे आना चाहिए। पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि निःस्वार्थ पत्रकारिता से पत्रकारों के जीवन में तनाव कम होगा। तनाव को दूर करने के लिए भौतिकवादी
मानसिकता को परिवर्तन कर आध्यात्मिकता को जीवन में अपनायें । ब्रह्माकुमारीज संस्थान के राजयोगा एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के मीडिया प्रभाग द्वारा आयोजित सम्मेलन में पत्रकारों ने समाधान परक पत्रकारिता से समृद्ध भारत की ओर विषय पर अपने अपने विचारों का आदान-प्रदान किया। पत्रकारिता के जरिए हम कैसे समृद्ध भारत की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं इस पर सुझाव भी आपस में साझा किए गए। कार्यक्रम में अंशू कुमारी लोकतंत्र न्यूज – 19 से तथा संदीप कुमार दैनिक भास्कर, अश्रूत सिन्हा, दैनिक भास्कर न्यूज 11 के दीपक कुमार एवं गुड्डू कुमार उपस्थित थे। कार्यक्रम में बाल कलाकारों के द्वारा नृत्य प्रस्तुत किया गया। ब्रह्माकुमारी बहन के द्वारा गाईडेड मेडिटेशन का अभ्यास कराया गया ।

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