राची, झारखण्ड | मार्च | 07, 2025 ::
चाइल्ड इन नीड इंस्टीट्यूट (सीनी) ने होटल ले लैक सारोवर, रांची में राज्य स्तरीय परामर्श का सफलतापूर्वक आयोजन किया, जिसमें प्रमुख हितधारकों ने लैंगिक-संवेदनशील शहरी विकास पर चर्चा की।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य वक्ता:
डॉ. जयती सिमलाई (निदेशक, रिनपास, झारखंड) – उन्होंने शहरी बस्तियों में स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और मानसिक स्वास्थ्य समर्थन में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया और अपराध रोकथाम व आपातकालीन सेवाओं के विस्तार की वकालत की।
डॉ. मनीषा किरण , रिनपास) – उन्होंने लैंगिक संवेदनशीलता, कानूनी सहायता और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला, विशेष रूप से लैंगिक हिंसा और विषाक्त पुरुषत्व से निपटने के लिए।
वेद प्रकाश (डीसीपीओ, रांची) – उन्होंने वार्ड स्तर पर बाल संरक्षण समितियों को मजबूत करने और कमजोर बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जा सके।
प्रो. श्रेया भट्टाचार्य (सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड) – उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदायों के लिए सुरक्षित स्थान बनाने में सीनी के प्रयासों की सराहना की और समावेशी दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
सुश्री तन्वी झा (एसपीएम, सीनी झारखंड) – उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदायों को शामिल करने के लिए NGOs की सक्रिय भूमिका की आवश्यकता पर जोर दिया।
पैनल चर्चा: सामाजिक समावेशन में चुनौतियाँ और अवसर
पैनल चर्चा में निम्नलिखित वक्ताओं ने भाग लिया:
सुश्री रेशमा
शौविक साहा (पीपल फॉर चेंज, जमशेदपुर)
पॉलोमी चौधरी (चाइल्ड फंड इंडिया)
वेद प्रकाश (डीसीपीओ, रांची)
चर्चा के प्रमुख निष्कर्ष:
लैंगिक समावेशन को मुख्यधारा में लाना – यह स्वीकार करना कि लैंगिक पहचान केवल (पुरुष/महिला) तक सीमित नहीं है और समाज में लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देना ।
समुदाय, शहरी नियोजन, स्कूल पाठ्यक्रम और पुलिस व स्वास्थ्य सेवा प्रशिक्षण में लैंगिक-संवेदनशील दृष्टिकोण को शामिल करना।
NGOs को समावेशी नीतियाँ अपनानी चाहिए ताकि लैंगिक समावेशन बिना किसी भेदभाव के हो।
इस पैनल चर्चा का संचालन सुभदीप अधिकारी (सीनी) ने किया।
समुदाय के बच्चों ने जिसमे ट्रैन्ज़्जेन्डर भी शामिल थे शहरी बस्तियों की चुनौतियों को ड्रामा और नृत्य के माध्यम से साझा किया
GSAFE+ परियोजना का शुभारंभ
इस कार्यक्रम के दौरान GSAFE+ परियोजना का भी आधिकारिक शुभारंभ किया गया, जिसे टेरे डेस होम्स द्वारा सहयोग किया जा रहा है है।
GSAFE+ परियोजना के प्रमुख उद्देश्य:
बच्चों, किशोरों और वयस्कों के लिए रहने की स्थिति में सुधार।
महिलाओं और LGBTQIA+ समुदाय को व्यावसायिक प्रशिक्षण को बढ़ावा देना और उनका आर्थिक रूप से सशक्त करना
लैंगिक-संवेदनशील बुनियादी ढाँचे की स्थापना, जिसमें यूनिसेक्स शौचालय और सुरक्षित सामुदायिक स्थान शामिल हैं।




