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रांची के डॉ. धनंजय कुमार को पेरिस के यूरोपीसीआर 2025 में मिला आमंत्रण

राची, झारखण्ड  | अप्रैल |  26, 2025 ::

भगवान महावीर मेडिका अति-विशेषज्ञ चिकित्सालय, रांची, जो मणिपाल चिकित्सालय समूह का अंग है, ने गर्व के साथ यह घोषणा की है कि उनके परामर्शदाता – हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. धनंजय कुमार को यूरोपीसीआर 2025 में भाग लेने हेतु आमंत्रित किया गया है। यह सम्मेलन हृदय संबंधित उपचार की प्रक्रिया (इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी) के क्षेत्र में विश्व के सबसे प्रतिष्ठित सम्मेलनों में से एक है, जो 20 से 23 मई 2025 तक पेरिस में आयोजित किया जाएगा। विशेष बात यह है कि डॉ. कुमार झारखंड राज्य से आमंत्रित होने वाले एकमात्र चिकित्सक हैं।

यूरोपीसीआर में डॉ. कुमार तीन अद्वितीय और प्रगतिशील रोगियों के उपचार का प्रस्तुतिकरण करेंगे। पहला मामला एक 58 वर्षीय पुरुष का है, जिसे अत्यधिक हृदयाघात (हार्ट अटैक) और हृदय के वेंट्रिकुलर सेप्टम के फटने की स्थिति में बिना शल्यचिकित्सा के उपचार दिया गया। रोगी ऑपरेशन के लिए उपयुक्त नहीं था, अतः डॉ. कुमार एवं उनकी टीम ने न्यूनतम रंगद्रव्य (कॉन्ट्रास्ट) के साथ आपातकालीन धमनिकायन (एंजियोप्लास्टी) किया, तथा छह सप्ताह बाद छिद्र रहित उपकरण के माध्यम से बंद करने की प्रक्रिया (पर्क्यूटेनियस डिवाइस क्लोजर) की। यह उपचार पूरी तरह सफल रहा और रोगी को किसी भी प्रकार की शल्यक्रिया की आवश्यकता नहीं पड़ी। इस उपलब्धि को पूर्व में वॉशिंगटन डी.सी. में टीसीटी 2024 में भी सराहना प्राप्त हो चुकी है, और अब यह यूरोपीसीआर 2025 में भी प्रस्तुत किया जाएगा।

दूसरे मामले में डॉ. कुमार पिछले पाँच वर्षों में किए गए 200 से अधिक “धातु रहित धमनिकायनों” (मेटल-लेस एंजियोप्लास्टी) के आँकड़े प्रस्तुत करेंगे, जिनमें स्टेंट का प्रयोग नहीं किया गया। नियमित रूप से निगरानी एवं परीक्षण के साथ यह तकनीक बिहार एवं झारखंड में सबसे बड़े स्तर पर अपनाई गई है।

तीसरे प्रस्तुतीकरण में डॉ. कुमार झारखंड की एक 70 वर्षीय अत्यंत गंभीर रूप से बीमार महिला के उपचार में प्रयोग किए गए कृत्रिम हृदय उपकरण इम्पेला (IMPELLA) की जानकारी देंगे। यह उपकरण पहली बार इस क्षेत्र में प्रयोग किया गया और रोगी का जीवन सुरक्षित किया जा सका। यह उपलब्धि मेडिका तथा डॉ. कुमार की पूर्वी भारत में अत्याधुनिक, विश्वस्तरीय हृदय चिकित्सा लाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इस उपलब्धि पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डॉ. धनंजय कुमार ने कहा, “यूरोपीसीआर 2025 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर झारखंड का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए अत्यंत गौरव का विषय है। यह केवल मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि मेडिका रांची में हम किस प्रकार से उन्नत हृदय देखभाल प्रदान कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य सदैव यही रहा है कि सरल, कम पीड़ादायक विधियों से जीवन की रक्षा की जाए और अपने क्षेत्र को सर्वश्रेष्ठ उपचार उपलब्ध कराया जाए।”

 

 

 

 

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