राची, झारखण्ड | अक्टूबर 26, 2024 ::
भाकपा माले के राज्य सचिव मनोज भक्त एवं पार्टी केंद्रीय कमिटी सदस्य शुभेंदु सेन ने संयुक्त रूप से भाकपा माले राज्य कार्यालय महेंद्र सिंह भवन रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 हेतु इंडिया गठबंधन के घटक दलों में कुछ सीटों पर विवाद चिंताजनक है. भाकपा माले समझती है कि समय रहते इस विवाद को आपसी संवाद के जरिए सुलझा लिया जाना चाहिए ताकि झारखंड में भाजपा को कोई लाभ नहीं मिल सके. कांग्रेस-झामुमो द्वारा एकतरफा घोषणा से यह विवाद बढ़ा है और घटक पार्टियां अलग-अलग सूचियां जारी कर रही हैं, जिनमें टकराव है. 28 धनवार सीट में भाकपा माले की सूची जारी करने के बाद झामुमो ने सूची जारी कर पिछले चुनाव में छठे नंबर रहे व्यक्ति को उम्मीदवार बना दिया. इस तरह की स्वेच्छाचारिता से गठबंधन मजबूत नहीं रह सकता है और इससे केवल भाजपा को ही लाभ मिल सकता है. सीट संबंधी वार्ता में भाकपा माले ने जमुआ सीट पर भी अपने दावे को स्पष्ट कर दिया था. कांग्रेस की मंजू कुमारी के भाजपा में चले जाने के बाद वहां सबसे मजबूत राजनीतिक पार्टी के लिहाज से हमारा ही दावा था. किंतु निवर्तमान भाजपा विधायक को झामुमो का उम्मीदवार बनाया जाना स्वस्थ राजनीति का हिस्सा नहीं है. अवश्य ही इसे लेकर घटक दलों में बातचीत किया जाना चाहिए था.
भाकपा माले घटक दलों से अपील करती है कि झारखंड की राजनीति से भाजपा को बाहर करने के लक्ष्य को कमजोर नहीं किया जाय और आपसी विवाद को हल किया जाए. छोटे दलों के तथ्यपरक दावों को नकार कर उम्मीदवार देना इंडिया गठबंधन को कमजोर करेगा. भाकपा माले की सीटों को कमजोर करने की कोई भी कोशिश इंडिया घटक दलों के लिए आत्मघाती होगा. हम उम्मीद करते हैं कि झामुमो-कांग्रेस सकारात्मक दिशा में बढ़ेंगे. भाकपा माले इसके अनुरूप अपना दूसरी सूची जारी करेगी. हमें विश्वास है कि इंडिया गठबंधन अंततः पूरी एकजुटता से चुनावी संघर्ष में भाजपा की करारी हार सुनिश्चित करेगा और झारखंड में विकास, स्थानीयता, रोजगार एवं जल-जंगल-जमीन की झारखंडी आकांक्षा को पूरी करेगा।




