राची, झारखण्ड | अक्टूबर 16, 2024 ::
विश्व ट्रॉमा दिवस के अवसर पर, मेदांता अब्दुर रज्जाक अंसारी मेमोरियल वीवर्स अस्पताल, रांची के प्रमुख न्यूरो सर्जन डॉ. आनंद कुमार झा ने आज सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आकस्मिक दुर्घटनाओं से होने वाले ट्रॉमा पर जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
डॉ. झा ने कहा, “भारत में हर साल लाखों लोग सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा गंभीर रूप से घायल हो जाता है। समय पर उपचार और ट्रॉमा प्रबंधन से हजारों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।” उन्होंने बताया कि ट्रॉमा की स्थिति में स्वर्णिम घंटे (गोल्डन ऑवर) का अत्यधिक महत्व है। यदि इस समय में उचित चिकित्सा सहायता दी जाए, तो मरीज की जान बचाई जा सकती है और गंभीर स्थायी क्षति को रोका जा सकता है।
डॉ. झा ने कहा कि ट्रॉमा के प्रति जागरूकता और सही कदम उठाने से ही हम सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों और विकलांगताओं को कम कर सकते हैं। “सड़क सुरक्षा नियमों का पालन, हेलमेट और सीटबेल्ट का उपयोग, और सही समय पर चिकित्सा सहायता ट्रॉमा से बचाव के प्रमुख उपाय हैं,” उन्होंने कहा। मेदांता अस्पताल, रांची में उपलब्ध अत्याधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ टीम के साथ, हम हर प्रकार के ट्रॉमा मरीजों को सर्वश्रेष्ठ इलाज प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस विश्व ट्रॉमा दिवस पर, डॉ. झा ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और ट्रॉमा के लक्षणों को पहचानने और समय पर मदद लेने के लिए तत्पर रहें।
मेदांता अस्पताल, राँची में विश्व स्तरीय इमरजेंसी एंड ट्रॉमा केयर सुविधा: हॉस्पिटल डायरेक्टर विश्वजीत कुमार ने कहा की हर साल ४०० से भी ज़्यादा लोगो की सड़क दुर्घटना में मौत होती है । उन्होंने ने लोगो से अपील की कि वे सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहे और ट्रैफिक रूल्स का पालन करें । मेदांता अस्पताल में इमरजेंसी एंड ट्रॉमा केयर की विश्व स्तरीय सुविधा है। यहां विशेष प्रकार का अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीन है जिससे मरीज की आसानी से स्क्रीनिंग हो जाती है।




