राची, झारखण्ड | सितम्बर 23, 2024 ::
प्रेसिडेंट, उबर एवं एमडी, ब्रांच इंटरनेशनल ने एक्सआईएसएस में ‘कैंपस टू कॉरपोरेट लीडरशिप टॉक’ में साझा किये छात्रों के साथ कॉर्पोरेट गुर
जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (एक्सआईएसएस), रांची, ने संस्थान कैंपस में उबर इंडिया और साउथ एशिया के अध्यक्ष, प्रभजीत सिंह और ब्रांच इंटरनेशनल, इंडिया की मैनेजिंग डायरेक्टर, सुश्री सुचेता महापात्रा द्वारा ‘कैंपस टू कॉरपोरेट लीडरशिप टॉक’ का आयोजन किया।
इस टॉक में ह्युमन रिसोर्स मैनेजमेंट, रूरल मैनेजमेंट, फाइनेंशियल मैनेजमेंट और मार्केटिंग मैनेजमेंट प्रोग्राम के छात्रों को उनके करियर यात्रा में उत्कृष्टता प्राप्त करने के टिप्स दिए गए। सत्र की शुरुआत में दोनों वक्ताओं ने एक्सआईएसएस के मिशन और सामाजिक रूप से जिम्मेदार प्रोफेशनल्स के निर्माण में इसकी विशिष्टता की बहुत सराहना की और छात्रों से हमेशा विनम्रता और कड़ी मेहनत के साथ आगे बढ़ने को कहा। सत्र ने छात्रों को सही रिस्क लेने और महत्वाकांक्षी बनने के लिए प्रेरित किया।
छात्रों को संबोधित करते हुए उबर इंडिया और साउथ एशिया के प्रेसिडेंट, प्रभजीत सिंह ने कहा, “एक अच्छे लीडर को हमेशा दूसरों को प्रभावित करने, उनके कौशल को विकसित करने, और टीम को समझने में सक्षम होना चाहिए और इसी से वे लोगों को सही दिशा में प्रभावित कर सकता है। लीडरशिप के सही मायने विषम परिस्थितियों में ही निखरकर सामने आते है, इसलिए हर स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए।”
सत्र में आगे बढ़ते हुए, सुश्री सुचेता महापात्रा, मैनेजिंग डायरेक्टर, ब्रांच इंटरनेशनल, भारत ने जल्द ही युवा प्रोफेशनल बनने वाले इन छात्रों को अपनी सलाह में कहा, “हमेशा कमरे में सबसे स्मार्ट व्यक्ति बनने की कोशिश न करें, बल्कि अधिक जानकारी इकट्ठा करने और निरंतर सीखने का अभ्यास करने पर ध्यान केंद्रित करें। किसी को भी हर स्थिति से सीखने और निर्णय लेने से पहले हर परिस्थिति का विश्लेषण करने के लिए तैयार रहना चाहिए। हमेशा याद रखें कि हर किसी की सफलता की परिभाषा अलग-अलग होती है, और लीडरशिप में एक महिला होना और भी कठिन है, इसलिए हर किसी को असफलता से सीखना चाहिए और मजबूत होकर वापस आना चाहिए।”
इस टॉक को एक प्रश्नोत्तर सत्र के साथ आगे बढ़ाया गया, जहाँ छात्रों ने इन कॉर्पोरेट दिग्गजों से उनकी सफलता के मायने, महत्वाकांक्षा पूरी होने के बाद भी कैसे आगे बढ़ना है, और असफलताओं से कैसे निपटना है, इस पर वास्तविक स्थिति के सवाल पूछे। यह बातचीत इन छात्रों के लिए वास्तविक दुनिया की समझ और मार्गदर्शन प्रदान करती है। इस सत्र में निदेशक, डीन अकादमिक और संस्थान के फैकल्टी सदस्य भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सुश्री सुचेता ने किया और धन्यवाद ज्ञापन सुश्री प्रियंका रॉय ने किया।



