राची, झारखण्ड | मई | 15, 2024 ::
* त्रिपुरा में आयोजित प्रतियोगिता में मिला तीन प्रथम पुरस्कार
डोरंडा रांची के रहने वाले कलाकृति स्कूल ऑफ़ आर्ट्स के 7 साल के विवान शौर्य ने अपनी प्रतिभा के बल पर झारखण्ड का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। उन्होंने इस उम्र में त्रिपुरा राज्य की प्रतिष्ठित संस्था रोंग्तुली के द्वारा आयोजित तीन ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। पुरस्कार स्वरूप उन्हें तीन ट्रॉफी और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए हैं। संस्था के द्वारा ये प्रतियोगिता प्रत्येक वर्ष आयोजित की जा रही है। विवान ने ऐसो दुर्गा, बाद दिवस एवं नववर्ष प्रतियोगिताओं में बेस्ट अचीवमेंट अवार्ड जीता। इस प्रतियोगिता में किसी भी आयु के प्रतिभागी हिस्सा ले सकते थे। विवान ने अपने आयु वर्ग तीन प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर इस प्रतियोगिता में एक नया कीर्तिमान बनाया है।
इस प्रतियोगिता में विवान ने अपनी अद्भुत चित्रकला से निर्णायकों को अचंबित कर दिया। विवान अभी जवाहर विद्या मंदिर श्यामली का कक्षा 3 का छात्र है। इस अवसर पर विवान के विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री समरजीत जाना एवं सभी शिक्षकों ने भी बधाई दी।
इससे पूर्व विवान ने सबसे कम उम्र में 129 पेंटिंग्स बनाने के लिए अपना नाम इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया था। विवान जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली का पहला कक्षा का छात्र है। विवान के गुरु और पिता धनंजय कुमार खुद भी प्रख्यात चित्रकार हैं और कलाकृति स्कूल ऑफ़ आर्ट्स के संस्थापक हैं। उन्होंने बताया कि विवान ने 2 वर्ष की छोटी उम्र से ही पेंटिंग बनाना शुरू कर दिया था और छोटे से ही अपने पिता के मार्गदर्शन में चित्रकारी के गुर सीख रहा था। लॉकडाउन के समय का सदुपयोग कर विवान ने पेंटिंग्स बनाना शुरू किया और लगभग 150 से अधिक पेंटिंग्स बनाई। इस दौरान विवान ने 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर के पुरस्कार भी प्राप्त किए। जिसके लिए झारखंड के राज्यपाल श्री रमेश बैस एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरने ने भी विवान को मिलकर प्रोत्साहित किया है। विवान की माता रजनी कुमारी ने बताया कि विवान पेंटिंग के अलावा एक्टिंग, रोल प्ले, कहानी वचन, भाषण, कविता वचन और पियानो में भी अपनी प्रतिभा से बड़े-बड़े मंच पर प्रदर्शन कर पुरस्कार प्राप्त किए हैं। विवान का एक YouTube पर चैनल भी है, जहाँ उनके कई वीडियो हैं जिनमें वे धारा प्रवाह बिरसा मुंडा का उलगुलान, स्वामी विवेकानंद के रूप में शिकागो स्पीच दे रहे हैं। वहीं श्री कृष्णा, महादेव, श्री राम, गौतम बुद्ध, महात्मा गाँधी, सुभाष चंद्र बोस, शिवाजी, भीमराव आंबेडकर, बाल गंगाधर तिलक के रूप में उनके अनमोल वचनों को बता रहे हैं।




