राची, झारखण्ड | मई | 12, 2024 ::
झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की बैठक सम्पन्न
झारखंड आंदोलनकारी की पुत्री यशस्विनी को चुनाव जिताने का संकल्प
रांची/ सिल्ली। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा रांची जिला के तत्वावधान में रविवार को सिल्ली स्थित चिराग स्कूल के सभागार में बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य गठन की तिथि से झारखंड आंदोलनकारियों को राजकीय मान सम्मान देने, जेल जाने की बाध्यता समाप्त करने, सम्मान पेंशन राशि 50-50 हजार रुपया देने, रोजी- रोजगार एवं नियोजन की गारंटी देने, पांच लाख रु. तक स्वास्थ्य बीमा व पक्का मकान का लाभ देने की मांग की गई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक एवं प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंडियों के मान-सम्मान की रक्षा के लिए ही झारखंड आंदोलनकारियों ने संघर्ष किया एवं शहादत दी ।आज पुन: अपने राजकीय मान सम्मान की रक्षा के लिए शहादत देनी पड़ी तो सबसे पहला नाम पुष्कर महतो का होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर जबरदस्त चुनौती की स्थिति है । आंदोलनकारी आखिर अपना बहुमूल्य मत देंगे तो आखिर किसे देंगे। ऐसे में पंच परगना के लोगों को तय करना है अपने ही परिवार की झारखंड आंदोलनकारी की पुत्री यशस्विनी सहाय को लोकसभा के इस चुनाव में समर्थन देंगे और अपने परिवार की शक्ति को मजबूत करेंगे। परिवार की शक्ति ही आंदोलनकारियों की अपनी शक्ति है।
केंद्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह कुशवाहा ने कहा कि झारखंड अलग राज्य के आंदोलनकारियों को अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए एक और संघर्ष करने की आवश्यकता है। हम अलग राज्य लड़ के लिए हैं और अब अलग पहचान और रोजी रोजगार, पेंशन का अधिकार भी लड़ कर लेंगे। हम लोग एक-एक आंदोलनकारियों को सम्मान पेंशन राशि मिलनी चाहिए इसके लिए लगातार आंदोलन चलाया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए झारखंड आंदोलनकारी जिला संयोजक रतन लाल महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के हितों की जो बात करेगा, लोकसभा चुनाव में उस राजनीतिक दल को ही समर्थन दिया जाएगा। वर्षों से झारखंड आंदोलनकारियों की अपेक्षा होती रही है अब झारखंड आंदोलनकारी अपनी अपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेंगे।
संचालन आंदोलनकारी लक्ष्मी नारायण महतो ने की।
इस मौके पर राहे बिनवाडीह के मुखिया श्याम सुंदर ,बंता दक्षिणी के मुखिया गंगा नारायण सिंह मुंडा, सिल्ली के राजा पुष्पेंद्र नाथ शाहदेव, पूर्व प्राचार्य कन्हैया लाल महतो, विष्णु चरण गिरि, सैय्यद कमर आलम, शत्रुघ्न महतो ,निवारण महतो ,सनत कुमार राय, दुर्लभ चंद महतो ,तारा माझी ,तुलसीदास मांझी फाल्गुनी यादव ,दिनेश कुमार महतो, अशोक कुमार महतो, राम पदो महतो, अनिल कुमार महतो, श्रीधर महतो, पंकज कुमार रवि
सहित अन्य उपस्थित थे।




