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एक्सआईएसएस के जीआईएस तथा रिमोट सेंसिंग कोर्स में 11 मई, 2024 तक कर सकतें हैं ऑनलाइन आवेदन

राची, झारखण्ड | मई | 02, 2024 ::

आज के समय के नए जॉब ट्रेंड्स को ध्यान में रखकर ज़ेवियर समाज सेवा संस्थान (एक्सआईएसएस), रांची ने एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट सर्टिफिकेट मैनेजमेंट (पीजीसीएम) जियो-स्पेशियल टेक्नोलॉजी एप्लीकेशन इन रूरल डेवलपमेंट (Post Graduate Certificate in Management Geospatial Technology Applications in Rural Development) शुरू किया है।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् (एआईसीटीई) द्वारा अनुमोदित इस कोर्स, जिओइन्फार्मेटिक्स तथा रिमोट सेंसिंग कोर्स (जीआईएस) के नामांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है और इच्छुक विद्यार्थी 11 मई, 2024 तक ऑनलाइन आवेदन (https://xiss.ac.in/GITRAINING/) पर जाकर कर सकते हैं। इस कोर्स को दो सेमेस्टर में बाँटा गया है जिसमें कुल 30 सीटें उपलब्ध हैं।
पिछले कुछ वर्षों में जीआईएस तथा रिमोट सेंसिंग के विषय में पढाई और नौकरी की मांग में बेहतरीन बढ़ोतरी हुई है। कई छात्र जीआईएस प्रशिक्षित होने के लिए काफी इच्छुक हैं क्यूँकी इस कोर्स को करने के बाद विभिन्न सरकारी तथा गैर सरकारी संस्थानों में नौकरी के विकल्प खुल जातें है।
जीआईएस और रिमोट सेंसिंग के छात्रों के लिए कोर्स का फ़ीस 67,000/- रूपए और कार्यरत लोगों यानि वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए फीस 80,000/- रूपए निर्धारित किया गया है। जीआईएस और रिमोट सेंसिंग कोर्स में नामांकन लेने के लिए उम्मीदवार का किसी भी विषय में स्नातक के साथ 45% अंक होना आवश्यक है। इस कोर्स में 30 सीटों उपलब्ध हैं। बैच शाम में 2:30 बजे से 5.30 बजे तक संचालित होगी।
इस कोर्स के माध्यम से थ्योरी तथा हर विद्यार्थी को सभी लेटेस्ट सॉफ्टवेयर और सर्वे उपकरणों का उपयोग करना सिखाया जाता है। छात्रों के लिए अलग -अलग कंप्यूटर के प्रावधान के साथ पर्याप्त लैब प्रैक्टिकल के द्वारा विस्तृत जानकारी दी जाती है, ताकि कोर्स करने बाद विद्यार्थी रोजगार के उचित अवसर प्राप्त कर सकें।
भारत सरकार तथा राज्य के योजनाओं के अलग-अलग क्षेत्रों में इस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। एग्रीकल्चर एंव सॉयल जियोसाइंस, ग्रामीण विकास, स्मार्ट सिटी, आपदा प्रबंधन, सर्वे ऑफ इंडिया, फॉरेस्ट्री, माइनिंग आदि विभिन्न क्षेत्रों में इसका उपयोग निरंतर बढ़ता ही जा रहा है।

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