Breaking News Latest News कैंपस झारखण्ड

स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के अवसर पर भारतीय नव वर्ष तथा नवागत छात्रों का अभिनंदन

 

रांची, झारखण्ड  | अप्रैल  | 02, 2022 :: आज स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के अवसर पर भारतीय नव वर्ष का अभिनंदन तथा नवागत छात्रों के अभिनंदन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलन वैदिक मंगलाचरण अलौकिक मंगलाचरण तथा सरस्वती वंदना के साथ हुआ।
इस कार्यक्रम के महत्त्व पर बोलते हुए डा.भारती द्विवेदी ने कहा कि आज के दिवस की वैज्ञानिकता का प्रमाण हमें भारत के प्राचीन ग्रन्थों में विस्तारपूर्वक मिलता है। डॉ नीलिमा पाठक ने कहा आज का दिवस भारतीय संस्कृति का आधार स्तंभ है आज के ही दिन भारत के बहुत ही सांस्कृतिक साहित्यिक व प्रभावी व्यक्तित्वों का जन्म आज के ही दिन हुआ। भारतीय संस्कृति आज के दिन के महत्व को स्मरण किते बिना पूर्ण ही नहीं हो सकता। श्री प्रकाश सिंह ने कहा आज के दिन हमें अपने भारतीय परिवेश का ध्यान करते हुए आज के दिन का विधिवत स्वागत करना चाहिए। अपनी संस्कृति में बताये ग्रे नियमों के सापेक्ष ही हमें हमारे दिवस व संस्कारों का आयोजन करना चाहिए। विभागाध्यक्ष अर्चना कुमारी दुबे ने कहा कि हमारी संस्कृति में वैज्ञानिकता पूर्णरुपेण परिलक्षित होती है।शिव मंगल के पर्याय हैं। मैं आज के पावन दिवस पर इस पावन कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए सभी छात्र-छात्राओं को धन्यवाद देती हूं। श्री एस घोषाल ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिवस की वैज्ञानिकता सूर्य सिद्धांत के अनुसार सिद्ध करके भारतीय संस्कृति के सकारात्मक विन्दुओं पर प्रकाश डाला।डा.उषा टोप्पो ने कहा कि आज भारतीय नववर्ष होने के साथ साथ झारखण्डी नव‌वर्ष भी है जिसे यहां के विधिवत आयोजन करते हैं। मंच संचालन पूजा कुमारी तथा धन्यवाद ज्ञापन रुपेश कुमार ने किया तथा शंख वादन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। शंख वादन प्रतियोगिता में पृथ्वीराज सिंह प्रथम स्थान वीणा माहेश्वरी और भीम पाण्डेय द्वितीय स्थान तथा दिव्यसानु पाण्डेय तृतीय स्थान पर रहे।इस अवसर पर सभी प्राध्यापक कर्मचारी व छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

Leave a Reply