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इतिहास में आज ::  अदाकारा नूतन [ भारत ] और  एंजेलिना जोली [ अमेरिका ] का जन्म [ 4 जून ]

जून | 04, 2017 :: अदाकारा नूतन [ भारत ] और  एंजेलिना जोली [ अमेरिका ] का जन्म

नूतन

नूतन, हिन्दी सिनेमा की एक ऐसी अदाकारा जिनकी शर्मीली अदा के सामने सारे स्टाइल फेल हो जाते थे। नूतन ने फिल्मी जीवन की शुरुआत स्कूल में ही कर ली थी। वह पहली मिस इंडिया थीं। उनकी सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उस दौर में उन्हें छह बार फिल्मफेयर अवार्ड मिला। इनमें ‘सीमा’, ‘सुजाता’, ‘बंदिनी’, ‘मिलन’, ‘मैं तुलसी तेरे आंगन की’ और ‘मेरी जंग’। इन फिल्मों से उन्हें एक सशक्त अभिनेत्री के रूप में पहचान मिली। नूतन के बेटे मोहनीश बहल बॉलीवुड में अब भी काम कर रहे हैं। नूतन की बहन तनुजा और भतीजी काजोल को कौन नहीं जानता। हिन्दी सिनेमा की सबसे प्रसिद्ध अदाकाराओं में से एक रही हैं। नूतन का जन्म 04 जून 1936 को एक पढे लिखे और सभ्रांत परिवार में हुआ था। इनकी माता का नाम श्रीमती शोभना सामर्थ और पिता का नाम  कुमारसेन सामर्थ था। नूतन ने अपने फ़िल्मी जीवन की शुरुआत 1950 में की थी जब वह स्कूल में ही पढ़ती थीं।
नूतन के सौन्दर्य को मिस इंडिया पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वह इस पुरस्कार को पाने वाली पहली महिला थीं। नूतन ने 50 से भी अधिक फ़िल्मों में काम किया और उन्हे बहुत से अन्य पुरस्कारों के अलावा 6 बार फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार मिला (जो कि अभी तक किसी भी दूसरी अभिनेत्री से अधिक है)। जिन फ़िल्मों के लिये नूतन को फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार मिले, उनकी सूची इस प्रकार है:
सन 1955 : सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री : सीमा
सन 1949: सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री : सुजाता
सन 1963: सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री : बंदिनी
सन 1967 : सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री : मिलन
सन 1978: सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री : मैं तुलसी तेरे आंगन की
सन 1959: सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री : मेरी जंग
11अक्तुबर 1959 को नूतन ने लेफ़्टिनेंट कमांडर रजनीश बहल से विवाह कर लिया। नूतन के पुत्र मोहनीश बहल भी हिन्दी फ़िल्मों में अभिनय करते हैं। नूतन की बहन तनुजा और भतीजी काजोल भी हिन्दी सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्रियों में शामिल हैं। नूतन के अभिनय को हिन्दी फ़िल्म उद्दोग के सभी बडे नामों ने सराहा है और वह आज भी बहुत सी अदाकाराओं का आदर्श बनी हुई हैं।
इस खूबसूरत अदाकार ने 1991 में कैंसर के कारण बॉलीवुड को अलविदा कह दिया।

एंजेलीना जोली
4 जून 1975 को उस अमेरिकी अभिनेत्री एंजेलीना जोली वॉइट की पैदाइश का दिन है, जो संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी के लिए सद्भावना राजदूत हैं। इन्होंने तीन गोल्डन ग्लोब पुरस्कार, दो स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड अवार्ड्स और एक अकादमी पुरस्कार प्राप्त किए हैं। जोली दुनिया भर में मानवीय मामलों को बढ़ावा देने और शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) के माध्यम से शरणार्थियों के साथ अपने काम के लिए विख्यात हैं। वे दुनिया की “सबसे सुंदर” महिलाओं में से एक मानी जाती हैं और उनकी परदे के पीछे की ज़िंदगी को मीडिया ने व्यापक रूप से उद्धृत किया गया है।
हालांकि वे अपने पिता जॉन वोइट के साथ 1982 की फ़िल्म लूकिंग टु गेट आउट में बतौर बाल कलाकार परदे पर पहली बार नज़र आईं, तथापि वास्तविक रूप से एक दशक बाद जोली का अभिनय कैरियर कम बजट के निर्माण साइबोर्ग 2(1993) के साथ शुरू हुआ। किसी बड़ी फ़िल्म में उनकी पहली मुख्य भूमिका साइबर-थ्रिलर हैकर (फ़िल्म) (1995) में थी। उन्होंने समीक्षकों की प्रशंसा पाने वाली जीवनीक टेलीविजन फिल्मों जॉर्ज वालेस (1997) और जिया(1998) में अभिनय किया और ड्रामा गर्ल, इंटरप्टेड(1999) में अपने अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए अकादमी पुरस्कार जीता।

आलेख: कयूम खान, लोहरदगा।

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